Main Ajanma Hoon! I am timeless, Eternal!
Thank you AshokJi! I am reborn everyday, every moment and also each time when a well-wisher or an admirer appreciates me, when a critic shows me a mirror. Yes, I am reborn all the time. अजन्मा हूँ मैं। काल को मैंने कभी खंडित नहीं किया.... अौर न ही कभी ऐसा करना चाहा भी । काल-खंड, वर्ष, महीने, सप्ताह, दिन, घड़ियाँ, ये सब - मेरे संग-ए-मील कदापि नहीं रहे। अनादि-अनंत ही मेरे जीवन के आयाम रहे । हमारा समय तो कभी रैखिक रहा ही नहीं ... ये कभी भी, linear progression में तो चलता ही नहीं ..... समय तो सदा ही व्रताकार - circular रहा है... सदैव .... सतत..... !!! ज़रा सोचो ??? बीता हुआ कल और आने वाला कल... क्या ये दोनों ही दिन - कल नहीं कहलाते ??? क्या जीवन के सभी उतार-चढ़ाव व्रताकार समय की अभिव्यक्ति, नहीं हैं ??? - यानि manifestations of circular time. बस, तो सिर्फ़ काल नहीं, काल-चक्र .... हॉं, काल-चक्र है ये !!!!! और फिर चक्र तो आख़िर व्रताकार ही होगा, है न ??? और फिर मैं तो - 'वयमेव याता' का क़ायल हूँ, 'कालो न याता, वयमेव याता' बस, उसी का अनुयायी हूँ मैं !!!...